Saturday, March 28, 2009

Mehrasar Chachera Village


आपके लिए घर बैठे उपयोगी जानकारी पायें अपने शहर के व्यक्ति, भूगोल. धार्मिक. सामाजिक. त्योंहार्, शिक्षण संस्थान आदि के बारे में यदि आप भी अपना नाम व पारिवारिक विवरण देना चाहें तो निःशुल्क दे सकते हैं, तो अपना नाम, पता, टेलीफोन नम्बर आदि तुरन्त देवें GAJENDRA SINGH RATHORE , VILLAGE-MEHRASAR CHACHERA , www.Mehrasarchachera.in

Mobile No : 9461602568 , 9928666608

8 comments:

  1. मेरी सांसों में यही दहशत समाई रहती है
    मज़हब से कौमें बँटी तो वतन का क्या होगा।
    यूँ ही खिंचती रही दीवार ग़र दरम्यान दिल के
    तो सोचो हश्र क्या कल घर के आँगन का होगा।
    जिस जगह की बुनियाद बशर की लाश पर ठहरे
    वो कुछ भी हो लेकिन ख़ुदा का घर नहीं होगा।
    मज़हब के नाम पर कौ़में बनाने वालों सुन लो तुम
    काम कोई दूसरा इससे ज़हाँ में बदतर नहीं होगा।
    मज़हब के नाम पर दंगे, सियासत के हुक्म पे फितन
    यूँ ही चलते रहे तो सोचो, ज़रा अमन का क्या होगा।
    अहले-वतन शोलों के हाथों दामन न अपना दो
    दामन रेशमी है "दीपक" फिर दामन का क्या होगा।
    @कवि दीपक शर्मा
    http://www.kavideepaksharma.co.in
    इस सन्देश को भारत के जन मानस तक पहुँचाने मे सहयोग दे.ताकि इस स्वस्थ समाज की नींव रखी जा सके और आवाम चुनाव मे सोच कर मतदान करे.
    काव्यधारा टीम

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  2. ब्लोगिंग जगत में स्वागत है
    लगातार लिखते रहने के लि‌ए शुभकामना‌एं
    कविता,गज़ल और शेर के लि‌ए मेरे ब्लोग पर स्वागत है ।
    http://www.rachanabharti.blogspot.com
    कहानी,लघुकथा एंव लेखों के लि‌ए मेरे दूसरे ब्लोग् पर स्वागत है
    http://www.swapnil98.blogspot.com
    रेखा चित्र एंव आर्ट के लि‌ए देखें
    http://chitrasansar.blogspot.com

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  3. बहुत सुंदर…..आपके इस सुंदर से चिटठे के साथ आपका ब्‍लाग जगत में स्‍वागत है…..आशा है , आप अपनी प्रतिभा से हिन्‍दी चिटठा जगत को समृद्ध करने और हिन्‍दी पाठको को ज्ञान बांटने के साथ साथ खुद भी सफलता प्राप्‍त करेंगे …..हमारी शुभकामनाएं आपके साथ हैं।

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  4. सादर अभिवादन
    सबसे पहले तो आपकी रचना के लिए ढेरो बधाई
    ब्लोग्स के नए साथियो में आपका बहुत बहुत स्वागत

    चलिए एक मुक्तक से अपना परिचय करा रहा हूँ

    चले हैं इस तिमिर को हम , करारी मात देने को
    जहां बारिश नही होती , वहां बरसात देने को
    हमे पूरी तरह अपना , उठाकर हाथ बतलाओ
    यहां पर कौन राजी है , हमारा साथ देने को

    सादर
    डा उदय ’मणि’ कौशिक
    http://mainsamayhun.blogspot.com

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  5. इन आँखों से जो अस्क जुदा होता है,
    मिजंगा तलक आया की फ़ना होता है!
    गिरे न किसी की नजरो से कोई या रब,
    नजरों का गिरा बहुत बुरा होता है!!

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  6. गुरूजी पढॉवता गांव में रोटड़ी आंवती ठांवम!!
    बिन्या चोपड़ी लुखी पाखी, गुरूजी कौर तोड़र चाखी !!
    जग्याँ जग्याँ स्यूं ल्यायो है बळैड़ी,सागे मेधाबरी किंकर रर्ळैड़ी !!
    टीँगरो बेसुरी हैं थारी मावां अबं बापरो सीर खांवा !!
    अबकाळे भुरियो कियां आवे,हाथ मैं दहिरो कुल्हड़ियो ल्यावे !!
    हौळे हौळे रोट्ड़ीरी कौर खादी,भुरियो बोल्यो गुरूजी दहीरो कुल्हड़ियो दिरायो है दादी !!
    अरे भूरिया दादी कियां टूठ्गी, गुरूजी दही ने गन्डकड़ी उन्ठ्गी!!
    बळी बळज्याणी दादिरी सुर ही जकी रोट्ड़ी और लीनी चूर !!
    अरे जिनावर तने तो ठा हो, हाँ गुरूजी म्हारे घरे गंडकॉ गो ऐंठेड़ो कुण खा हो !!
    सुणता हीं गुरूजी को कोवो छुट्ग्यो कुल्हड़ियो फेंक्यो फेंकता ही फूटग्यो!!
    बळी बलज्याणी राफां जुतसी, रोंवतो ही बोल्यो भुरियो अबं दादी रातने क्यामे मुतसी!!

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  7. Hi To all I would like to know the Informations on - "Pandia Ka Kua" its in the Mehrasar, basicly it was constructed by my Great Grand Father - Late Shri Rama Kisan Pandia of Sardarshar, I have never visited to this village, but now I really wants to see this Kua (Well), whats the Present Status, is it still there and whats the current status, Please do let me know on anurag2100@gmail.com or Call me on 9820850117.

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